अध्याय 8 : सपना - लाल आत्माएं - (एक लंबी कविता) - मेई वान फान - अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : नीता पोरवाल / Chương VIII: Giấc mơ. Trường ca Những linh hồn thẫm đỏ. Mai Văn Phấn. Neetta Porwal dịch từ tiếng Anh sang tiếng Hin-đi

मेई वान फान

अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : नीता पोरवाल

Mai Văn Phấn

Translated from English into Hindi by Neetta Porwal

Neetta Porwal dịch từ tiếng Anh sang tiếng Hin-đi

 

 

 

Neetta Porwal, poet & translator

 

 

 

 

लाल आत्माएं

(एक लंबी कविता)

 

 

 

अध्याय 8

सपना

 

 

धीरे-धीरे बहने वाली चमकदार लाल नदी देखने के लिए लोग अंधेरे में भी दौड़ पड़े थे| उल्लास की तरह उत्कंठा में भी दिल तेजी से धड़क रहे थे। संदेहास्पद सवाल युद्ध में दिए गए गुप्त आदेश की तरह रात ही रात में फैल गए थे। क्या यह रक्तरंजित प्रतिकार है? क्या हमारा जीवन लाल सागर में डूब जाएगा?

 

रक्त, माफ करने के तरीके अपनाये जाने पर शान्ति से चलता है, उतनी ही शांति से जैसे किसी सोते हुए बच्चे की साँसें शान्ति से चलतीं हैं। रक्त हवा को छूता है, रक्त ऐतिहासिक स्थलों को छूता है, जैसे एक विशालकाय अजगर पत्थर की शिला के नीचे रेंगता है, जैसे एक गेंद घास के मैदान पर लुढ़कती है। जैसे बारिश की बूंदे, इकट्ठा होने और नीचे मैदानों तक पहुँचने के लिए एक दूसरे को पुकारतीं हैं।

 

चॉक का एक टुकड़ा ब्लैकबोर्ड के पास रखा है। रक्त, इंद्रियों के दरवाजे खोलने के लिए, मस्तिष्क के अवयवों को जाग्रत कर स्पष्ट विचार लाने के लिए, हर किसी की समझने के लिए, चाक के टुकड़े को उठाने और अपने लिए हर अक्षर की कॉपी करने के लिए आता है। यह जानने के लिए कि कलात्मक रूप से एक साधारण वाक्य को कैसे पढ़ा जाए। उनके देश का नाम कैसे लिखा जाए। अपना नाम कैसे लिखा जाए, यह जानने के लिए रक्त आता है।

 

रक्त फूलों के खिलने के मौसम में वापस जाता है। धान्य से युक्त चावल। बढ़तीं हुईं शकरकंद। मोटे बीज वाले मकई। छिपे मवेशी और बतखों के चिकने पंख। मछली नदियों और खाड़ी, तालाबों और झीलों में हलचल करती है। रक्त अपनी पतली उँगलियों को उपजाऊ मिट्टी में मकई के हर बीज की जांच के लिए, चावल की पौध बोने के लिए निर्देशित करने के लिए आता है।

 

रक्त जंगली घास को हिलाता हुआ, काई की परत से गुजरता हुआ धीरे-धीरे बहता है। रक्त पृथ्वी को कंपकंपाता है, जैसे कत्ल से पहले ईल और लोचेज नाम की मछलियों पर नमक रगड़ा जा रहा हो। सपनों की ताकत और पवित्रता लिए हुए रक्त चुपचाप फैलता है। स्कवाड और दस्तों के सैनिक, जो मोर्टार और रॉकेट द्वारा दफ़न कर दिए गये थे, जमीन के नीचे से तोप आदि हथियारों को छिपाए प्रेत की तरह ऊपर जाते हैं। वे अभी भी पंक्ति बनाकर कदमताल करते हुए, अपने पुराने गाँवों में वापस जाते हैं। चमत्कारिक रूप से, जब वे वहां पहुंचते हैं, तो उनका कोई रिश्तेदार या पड़ोसी गायब नहीं मिलता। उनके स्वागत के लिए परोसे जाने वाले व्यंजन मृत्यु के दिनों में दिए जाने वाले अनुष्ठानिक खाद्य पदार्थ नहीं हैं, बल्कि मितव्ययी देशी भोजन, केकड़े का सूप और मसालेदार बैंगन एक तश्तरी में परोसे जाते हैं।

 

रक्त की धारा पेड़ों में क्लोरोफिल की तरह मिल जाती है और उनकी फुनगियों को झुलाती और उनका शोधन करती है। मनोभाव उलटने लगते हैं, क्योंकि समाधि में लोग जागने के लिए स्वयं अपने चेहरे पर थप्पड़ मारते हैं, एक पल के लिए उदासीनता भरी उनकी आदतें जुनून में बदल जाती हैं। एक अजीब पक्षी की पुकार गूँजने लगती है, जो जमीन के अंदर असमान्य आंदोलन का संकेत देती है। मिट्टी को नरम बनाने के लिए केंचुए कुछ और गहरा गड्ढा खोदते हैं। एक हरे रंग के मेढ़क के बच्चे को चांदनी के बारे में पता चलता है तो वह अपनी माँ को स्नेह से बुलाता है। एक सुकुमार दरियाई अबाबील अपने साथी को समुद्र पार करने के लिए आमंत्रित करती है।

 

अधपके फल, जो समय से पहले ही उखाड़े दिए गए, अब पेड़ों में फिर से दिखने लगे हैं, पकने का इंतजार करते हुए, एक दिन मीठा और सुगंधित बनने के लिए। फूल और फल जो कि कीड़ों द्वारा खोखले कर दिए गए थे या पक्षियों द्वारा कुतर लिए गए थे, अपने पुनर्जन्म के बारे में सोचकर कांपते हैं। जिन पेड़ों को आरे से आड़ा चीर दिया गया था, वे स्वाभाविक रूप से अपनी लय को फिर से जोड़ते हैं। पेड़ों का अर्क गले हुए लट्ठों से होता हुआ बहता है, तीखी गंध फेंकता हुआ, नई पत्तियों और पेड़ की जड़ों की परिचित खुशबू का उत्सर्जन करता है। हर पेड़ को जीवित जीव के रूप में सम्मान और संरक्षित किया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति स्वतंत्रता, मानवाधिकारों और सम्मान का आनंद लेता है। मजबूत पेड़ और स्वस्थ लोग एक-दूसरे के लिए करीब रहने लगे हैं।

 

जीवित बचे पक्षी और जंगली जानवर रक्त का स्वागत करने के लिए एक बार फिर इकट्ठा होते हैं, जैसे कि एक उथल-पुथल, जो अलगाव का समय लायी थी, के बाद अपने रिश्तेदारों के स्वागत के लिए इकट्ठा हुए थे। वे सख्त पूंछ, चोंच, सींग, जड़ समेत दांत और अपने ही परिजनों के पंजे वापस लाते हैंजो एक बार नीचे गिरा लेने के बाद, फिर मार दिए गए थे| वे परिजनों की सारी चीजें बहती हुई नदी में प्रवाहित कर देते हैं फिर घुटने टेककर नीचे झुकते हैं। रक्त आता है और खुशी से रोएं और पंखों की प्रत्येक परत को पुनर्जीवित कर देता है, प्रत्येक कोशिका, पसीने की ग्रंथियों और त्वचा की परतों में ऊष्मा भर रही है।

 

रक्त जानवरों को जंगलों में, पक्षियों को आकाश में उन्मुक्त छोड़ रहा है। रक्त जलीय जीवों को, समुद्री शैवाल और सतह पर तैरते जीवों को महासागर में छोड़ रहा है। रक्त बत्तख और पानी में रहने वाले पक्षियों को तालाबों में तैरने और क्रीडा करने के लिए छोड़ रहा है।

 

मेरे साथ, सब लोगों ने गहरी सांस लेना शुरू कर दिया है, अब कोई भी डर से साँस नहीं ले रहा है। मानो हम सभी का ब्लड ग्रुप एक जैसा हो गया है। हम सभी लेट जाते हैं और गर्म, चमकदार लाल नदी को अपने बीच से बहने देते हैं। मैं आज भी वही हूं लेकिन आज रात कुछ अलग हूं। सब कीट और जानवर की तरह स्वतंत्र और मुक्त - समुद्र में मछली और हवा में पक्षी की तरह खुश और मुक्त हैं।

 

 

 

 

मेई वॉन फान (Mai Văn Phấn) 

 

वियतनाम के विशिष्ट कवि मेई वॉन फान का जन्म 1955 में उत्तर वियतनाम के रेड रिवर डेल्टा, निन्ह बिन्ह में हुआ। वर्तमान में आपहेई फांग शहर में रहते हुए काव्य सृजन कर रहे हैं। आपने कई वियतनामी और अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक पुरस्कार अर्जित किये हैं,जिसमें 2010 में वियतनाम राइटर्स एसोसिएशन अवार्ड और 2017 में स्वीडन का साइकडा साहित्यिक पुरस्कार शामिल हैं। मेई वानफान अपनी मातृ भाषा में लिखते हैं। आपकी 16 काव्य पुस्तकें और 1 पुस्तक "क्रिटिक्स निबंध" पर प्रकाशित हो चुकीं हैं। आपकीकविताओं का 25 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है वे भाषाएँ हैं : अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी, स्पेनिश, जर्मन, स्वीडिश, डच, अल्बानियाई,सर्बियाई, मैसेडोनियन, मोंटेनेग्रिन, स्लोवाक, रुमानियाई, तुर्की, उज़्बेक, कज़ाख, अरबी, चीनी, जापानी , कोरियाई, इंडोनेशियाई,थाई, नेपाली, हिंदी और बंगाली (भारत)

 

 

 

नीता पोरवाल (Neetta Porwal)

 

नीता पोरवाल (15 जुलाई 1970) का जन्म उत्तर प्रेदश के अलीगढ़ शहर में हुआ| आगरा विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में परास्नातकऔर फिर बी. एड. की उपाधि लेने के बाद आप अध्यापन करने लगीं| आप एक कवि और कथाकार होने के साथ अनुवादक भी हैं|बांगला बाउल गीतों और रवीन्द्रनाथ टैगोर की कविताओं के साथ-साथ देश-विदेश के अनेक कवियों और कथाकारों की रचनाओं कोआप हिंदी में रूपांतरित कर चुकीं हैं| बतौर अनुवादक विगत कई वर्षों तक कृत्या पत्रिका के साथ जुड़ीं रहीं| 2018 में चीनीकविताओं कासौ बरस सौ कविताएँ (चीन की कविताओं में आधुनिकवाद)’ नामक चीनी कविता संग्रह आया जिसके लिए उनकीटीम को चीनी साहित्य के अनुवाद के लिए DJS Translation Award  प्राप्त हुआ है|

 

 

 

 

English version: Era of Junk

Vietnamese version: “Thời tái chế”

 

 

 

 

 



 

 








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